
भारत के पड़ोसी देश Nepal में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। Pokhara से Kathmandu जा रही यात्रियों से भरी बस देर रात नदी में गिर गई।
हादसा इतना भीषण था कि बस करीब 300 फीट नीचे Trishuli River में जा गिरी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 लोग घायल हुए हैं।
Prithvi Highway पर मौत का मोड़
यह दुर्घटना Prithvi Highway के तहत धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में रात करीब एक बजे हुई। राहगीरों ने चीख-पुकार सुनी तो नीचे झांककर देखा बस नदी में क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और फिर शुरू हुआ Time Against Death का ऑपरेशन।
Torchlight Rescue: अंधेरे में उम्मीद की किरण
रात का समय, दुर्गम पहाड़ी इलाका और संसाधनों की कमी Rescue टीम के सामने हर चुनौती मौजूद थी। नावों की मदद से यात्रियों को नीचे से करीब एक किलोमीटर दूर सुरक्षित स्थान तक लाया गया। वहां से घायलों को सड़क तक ऊपर चढ़ाया गया और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों ने टॉर्च की रोशनी में रेस्क्यू चलाया। Nepal Police, सेना और सशस्त्र प्रहरी बल की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला।
Foreign Tourists भी शिकार
घायलों और मृतकों में विदेशी पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें स्विट्जरलैंड और न्यूजीलैंड के नागरिक शामिल हैं। इससे यह हादसा International Concern का विषय भी बन गया है।

Casualties at a Glance
- 18 लोगों की मौत (6 महिलाएं, 12 पुरुष)
- 27 घायल (8 महिलाएं, 18 पुरुष, 1 बालिका)
- विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी
Safety सवालों के घेरे में
पहाड़ी सड़कों पर Late Night Driving, ओवरस्पीडिंग और खराब मौसम अक्सर हादसों की वजह बनते हैं। “Highway पर Speed और Nature का Equation कभी-कभी Fatal हो जाता है।”
लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे संवेदनशील रूट्स पर Night Monitoring और Safety Protocols और मजबूत किए जाने चाहिए?
नेपाल का यह हादसा सिर्फ एक Road Accident नहीं, बल्कि Mountain Transport Safety की गंभीर चेतावनी है। जांच जारी है और प्रशासन ने केस दर्ज कर लिया है। जैसे-जैसे आधिकारिक रिपोर्ट सामने आएगी, हादसे की असली वजह स्पष्ट होगी।
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